कस्बे के डिग्गी रोड स्थित चमत्कारेश्वर बालाजी मंदिर में रविवार को सात दिवसीय पंच कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। भव्य कलश यात्रा, यज्ञशाला पूजन और भागवत कथा के प्रथम दिवस ने पूरे कस्बे को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
प्रातः 7 बजे निकली भव्य कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। भजन-कीर्तन और जयघोषों के साथ यात्रा चमत्कारेश्वर बालाजी मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र राममय एवं भक्तिमय वातावरण में रंग गया।
कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से आचार्य गिरजा शंकर शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सद्मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य ज्ञानगंगा है। उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण से सभी प्राणियों का कल्याण होता है तथा मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कलियुग में भगवान की भक्ति, सत्संग और भागवत कथा का श्रवण ही जीवन को सफल एवं सार्थक बनाने का सर्वोत्तम साधन है।
समिति अध्यक्ष रामनारायण माली, उपाध्यक्ष बनवारी सामोलिया, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार जागिंड एवं सचिव रामप्रसाद रावं ने बताया कि यह विशाल धार्मिक आयोजन श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर महंत राममनोहर दासजी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के तहत प्रतिदिन पंच कुण्डीय यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा।
यज्ञाचार्य रमाकांत शास्त्री के निर्देशन में यज्ञशाला का शुभारंभ किया गया। महामण्डलेश्वर महंत राममनोहर दासजी महाराज की उपस्थिति में यजमानों ने वैदिक विधि-विधान से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं धर्म रक्षा की कामना की।
इस अवसर पर भंवरलाल चादंडिया, जगदीश सराधना, घासीलाल चादंडिया, रामराज मुवाल, नन्दकिशोर जागिंड, रामअवतार जागिंड, रामप्रसाद जागिंड, सोहनलाल कुमावत, यादराम दगोलिया, गोवर्धन चादंडिया, हनुमान सुईवाल, सीताराम टेलर, जयराम तुणकल्या, शंकर जागिंड सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक आयोजन के शुभारंभ के साथ ही आगामी सात दिनों तक पचेवर में भक्ति, यज्ञ और भागवत रस की अविरल धारा प्रवाहित होगी, जिसमें क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।




