मुंह के छाले या मसूड़ों का दर्द कहीं ओरल कैंसर का संकेत तो नहीं? जानिए कब सतर्क होना जरूरी
मुंह में छाले होना, मसूड़ों में सूजन या दर्द जैसी समस्याएं आम मानी जाती हैं और अधिकांश मामलों में कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाती हैं। लेकिन अगर यही लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज करना गंभीर गलती हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार यही संकेत ओरल कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी हो सकते हैं।
सामान्य छाले और ओरल कैंसर में क्या अंतर?
डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य मुंह के छाले या मसूड़ों की हल्की सूजन आमतौर पर 7 से 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाती है। लेकिन यदि कोई छाला, घाव या सूजन 2 से 3 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, तो तुरंत दंत चिकित्सक या विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि ये लक्षण लगातार बने रहें तो जांच कराना जरूरी है—
मुंह का छाला 2-3 सप्ताह में भी ठीक न हो।
मुंह में लाल या सफेद धब्बे दिखाई दें।
मसूड़ों, जीभ या गाल के अंदर गांठ या लगातार सूजन महसूस हो।
बिना कारण दर्द, जलन या सुन्नपन बना रहे।
चबाने, निगलने या बोलने में परेशानी हो।
दांत अचानक ढीले पड़ने लगें।
गर्दन में गांठ महसूस हो।
बिना कारण तेजी से वजन कम होने लगे।
किन लोगों में होता है ज्यादा खतरा?
ओरल कैंसर का खतरा सबसे अधिक तंबाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला और धूम्रपान करने वालों में देखा जाता है। हालांकि जो लोग इनका सेवन नहीं करते, उनमें भी यह बीमारी हो सकती है। इसलिए किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नियमित डेंटल चेकअप क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित दंत जांच के दौरान डॉक्टर मुंह, जीभ और मसूड़ों में होने वाले शुरुआती बदलावों की पहचान कर सकते हैं। समय रहते बीमारी का पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।




