तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री O. Panneerselvam (ओपीएस) ने सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam का दामन थाम लिया है। चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में मुख्यमंत्री M. K. Stalin की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
लंबे समय तक All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) से जुड़े रहे पन्नीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद से ही नई राजनीतिक जमीन की तलाश थी। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें उनके गृह क्षेत्र थेनी जिले के बोडी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार OPS का DMK में शामिल होना दक्षिणी तमिलनाडु, खासकर थेवर बहुल इलाकों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति हो सकती है। इन क्षेत्रों में पन्नीरसेल्वम का प्रभाव अब भी माना जाता है, जिससे DMK को सीधा फायदा मिल सकता है। वहीं इस कदम से AIADMK का पारंपरिक वोट बैंक प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
DMK में शामिल होने के बाद ओपीएस ने अपने पूर्व सहयोगी Edappadi K. Palaniswami (ईपीएस) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अहंकार और तानाशाही शैली के कारण AIADMK कमजोर स्थिति में पहुंच गई है और चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है।
गौरतलब है कि ओ पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2016 में जयललिता के निधन के बाद पार्टी में नेतृत्व को लेकर संघर्ष शुरू हुआ था, जिसने AIADMK को दो धड़ों में बांट दिया। ईपीएस के साथ लंबे विवाद और संगठन में हाशिए पर जाने के बाद OPS ने अलग पहचान बनाने की कोशिश की, लेकिन अब उन्होंने DMK के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू कर दी है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव आने वाले चुनावों में बड़े सियासी समीकरण बदल सकता है और दक्षिण भारत की राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।




