वायुसेना के शौर्य की कहानी को वास्तविक बनाने के लिए मेकर्स ने किया गहन रिसर्च
मुंबई। 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना की भूमिका पर आधारित वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इन दिनों चर्चा में है। सीरीज के क्रिएटर और को-राइटर कुशल श्रीवास्तव ने इसे पर्दे पर उतारने के दौरान सामने आई चुनौतियों और शूटिंग के अनुभव साझा किए हैं। पूर्व वायुसेना कर्मी रहे श्रीवास्तव के लिए यह कहानी सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनके सैन्य अनुभवों और कारगिल युद्ध से जुड़े भावनात्मक जुड़ाव का हिस्सा रही है।
माइनस 20 डिग्री से बीकानेर की गर्मी तक शूटिंग
सीरीज को वास्तविकता के करीब दिखाने के लिए मेकर्स ने अलग-अलग मौसम और लोकेशन में शूटिंग की। कहानी में जहां कारगिल के बर्फीले और बेहद ऊंचाई वाले इलाकों का माहौल दिखाना था, वहीं दूसरे हिस्सों के लिए राजस्थान के बीकानेर जैसे गर्म इलाकों में भी शूटिंग की गई।
कुशल श्रीवास्तव ने बताया कि शूटिंग के दौरान टीम को माइनस 20 डिग्री तक की ठंड से लेकर बीकानेर की तेज गर्मी तक अलग-अलग परिस्थितियों में काम करना पड़ा। इस तरह की शूटिंग ने कलाकारों और तकनीकी टीम दोनों के लिए शारीरिक और मानसिक चुनौती पेश की। सीरीज के मेकर्स का उद्देश्य सिर्फ युद्ध के दृश्य दिखाना नहीं था, बल्कि उस समय वायुसेना के जवानों और पायलटों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उन्हें भी दर्शकों तक पहुंचाना था।
असली वायुसेना की कहानी को दिखाने पर जोर
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में भारतीय वायुसेना के गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन और कारगिल युद्ध के दौरान उसके मिशन को केंद्र में रखा गया है। नेटफ्लिक्स के मुताबिक सीरीज छह एपिसोड की है और इसमें सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा समेत कई कलाकार नजर आते हैं।
सीरीज के निर्माताओं ने युद्ध को केवल बड़े एक्शन और फिल्मी अंदाज में पेश करने के बजाय वास्तविक घटनाओं और सैन्य परिस्थितियों को महत्व देने की कोशिश की। वास्तविक वायुसेना पायलटों से बातचीत और रिसर्च के जरिए किरदारों, यूनिफॉर्म, सैन्य प्रक्रियाओं और ऑपरेशन से जुड़े पहलुओं को अधिक प्रामाणिक बनाने का प्रयास किया गया।
पूर्व वायुसेना कर्मी हैं कुशल श्रीवास्तव
कुशल श्रीवास्तव खुद करीब सात साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा दे चुके हैं। उनका सैन्य अनुभव इस सीरीज के निर्माण में काफी काम आया। उन्होंने कलाकारों को उस दौर की वर्दी, सैन्य अनुशासन और एयरफोर्स से जुड़े माहौल को समझाने में मदद की। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने उस दौर की अपनी पुरानी वर्दी का भी इस्तेमाल कलाकारों को संदर्भ देने के लिए किया।
श्रीवास्तव ने बताया कि वायुसेना में बिताए समय और कारगिल युद्ध की घटनाओं ने उनके भीतर इस कहानी को पर्दे पर लाने की इच्छा पैदा की। लंबे समय तक उनके मन में रही यह कहानी आखिरकार सीरीज के रूप में दर्शकों तक पहुंची।
सीरीज में दिखी ऊंचाई पर युद्ध की चुनौती
कारगिल युद्ध की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बेहद ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाके में हवाई अभियान चलाना था। भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान कठिन परिस्थितियों में हवाई हमले किए। सीरीज में इन्हीं अभियानों और गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन की भूमिका को प्रमुखता से दिखाया गया है।
मेकर्स ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में शूटिंग करना भी आसान नहीं था। ऐसे वातावरण को कैमरे पर वास्तविक रूप देने के लिए लोकेशन, मौसम, विमान और युद्ध से जुड़े दृश्यों पर खास ध्यान दिया गया।
जिमी शेरगिल और सिद्धार्थ समेत कई कलाकार
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्णव भसीन, दिया मिर्जा, प्राजक्ता कोली और आदिल हुसैन जैसे कलाकार शामिल हैं। नेटफ्लिक्स के अनुसार सीरीज में कारगिल युद्ध के दौरान गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन की कहानी को ड्रामा के माध्यम से पेश किया गया है।



