मौत को मात देने वाले कोच स्टॉल सोलबाकेन ने ब्राजील को हराकर नॉर्वे को दिलाई ऐतिहासिक जीत।
अमेरिका में खेले जा रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप में नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ नॉर्वे पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया।
जीत के बाद भावुक हुए कोच स्टॉल सोलबाकेन
ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के मुख्य कोच स्टॉल सोलबाकेन अपने परिवार से गले मिलते नजर आए। यह सिर्फ एक बड़ी जीत का जश्न नहीं था, बल्कि उनकी जिंदगी की सबसे प्रेरणादायक वापसी का प्रतीक भी बन गया।
25 साल पहले 7 मिनट तक रुकी थी धड़कन
करीब 25 साल पहले स्टॉल सोलबाकेन के साथ एक गंभीर हादसा हुआ था। उनकी दिल की धड़कन 7 मिनट तक बंद रही और वे 26 घंटे तक कोमा में रहे। डॉक्टरों ने उस समय उनके फुटबॉल करियर को समाप्त मान लिया था।
उस कठिन दौर को याद करते हुए सोलबाकेन ने कहा था, "मेरी मां मेरे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रही थीं।"
मौत को मात देकर रचा नया इतिहास
मौत को मात देने वाले स्टॉल सोलबाकेन ने हार नहीं मानी। वर्षों बाद उन्होंने बतौर कोच नॉर्वे को नई पहचान दिलाई और अब पहली बार टीम को फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाकर इतिहास रच दिया।
यह जीत सिर्फ नॉर्वे की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और कभी हार न मानने की मिसाल भी बन गई।




