नोएडा के ममूरा गांव में इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग से लगी भीषण आग
नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा स्थित ममूरा गांव में बुधवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। एक इमारत में खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में अचानक स्पार्किंग होने के बाद भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत धुएं से भर गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में बाइक से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके बाद तेज आवाज के साथ आग भड़क गई और आसपास रखा सामान भी उसकी चपेट में आ गया। आग तेजी से फैलने के कारण इमारत में रहने वाले कई लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
हादसे में दो लोगों की मौत, 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हादसा इतना गंभीर था कि इमारत में मौजूद कई परिवार अंदर ही फंस गए। दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हालांकि, इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। दोनों की पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
दमकल विभाग ने कई गाड़ियों की मदद से पाया आग पर काबू
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घने धुएं और ऊंची लपटों के कारण रेस्क्यू टीम को विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद से इमारत के अंदर प्रवेश करना पड़ा।
अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया जाता, तो जनहानि और अधिक हो सकती थी। दमकल कर्मियों की तत्परता के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकी।
शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक बाइक से स्पार्किंग की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग से हुई। हालांकि, यह अभी शुरुआती अनुमान है और फोरेंसिक जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। पुलिस और फायर विभाग की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी, चार्जिंग सिस्टम और वायरिंग की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यह पता लगाया जाएगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन किया गया था।




