निवाई में खनन माफियाओं का आतंक, वन विभाग टीम पर हमला
टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने हमला कर दिया। इस घटना में दो वनकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कार्रवाई के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह वन विभाग को रक्तांचल पर्वत के पीछे अवैध खनन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा।
इसी दौरान खनन माफियाओं ने टीम को घेर लिया और पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में वन विभाग के कर्मचारी घायल हो गए। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सरकारी कार्रवाई में खुलकर बाधा डाली।
घायल कर्मियों को अस्पताल में भर्ती
हमले में घायल दोनों वनकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस में मामला दर्ज
इस मामले में निवाई रेंजर धारीलाल बैरवा ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
अवैध खनन बना बड़ी समस्या
निवाई क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। बावजूद इसके, माफियाओं के हौसले कम होने के बजाय लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह घटना एक बड़ा अलर्ट मानी जा रही है।




