हार्दिक पंड्या की जगह लेने के दबाव में नीतीश रेड्डी? BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका पर उठे सवाल
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। उनकी फिटनेस और लगातार बढ़ते कार्यभार (वर्कलोड) को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हार्दिक पंड्या के संभावित विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे नीतीश रेड्डी पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला जा रहा है, जिसका असर उनके प्रदर्शन और फिटनेस दोनों पर पड़ सकता है।
हार्दिक पंड्या के विकल्प के रूप में देखे जा रहे हैं नीतीश रेड्डी
भारतीय टीम लंबे समय से ऐसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की तलाश में है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन बना सके। हार्दिक पंड्या इस भूमिका में टीम के सबसे अहम खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन उनकी बार-बार होने वाली चोटों के कारण चयनकर्ताओं की नजर युवा खिलाड़ियों पर है।
इसी कड़ी में नीतीश कुमार रेड्डी का नाम तेजी से उभरा है। घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है, लेकिन कम उम्र में लगातार तीनों प्रारूपों और विभिन्न टूर्नामेंटों में खेलने से उनके वर्कलोड को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
वर्कलोड मैनेजमेंट पर उठ रहे हैं सवाल
क्रिकेट में आज के दौर में खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट बेहद अहम माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी खिलाड़ी पर लगातार मैच खेलने का दबाव बढ़ता है तो चोट का खतरा भी बढ़ जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश रेड्डी के मामले में भी यही चिंता सामने आ रही है। कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि उन्हें पर्याप्त आराम और वैज्ञानिक तरीके से वर्कलोड मैनेजमेंट की जरूरत है ताकि उनका करियर लंबा और सफल हो सके।
BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका पर बहस
BCCI का Centre of Excellence (CoE) खिलाड़ियों की फिटनेस, रिहैबिलिटेशन और चोट से वापसी की प्रक्रिया की निगरानी करता है। हालांकि, नीतीश रेड्डी के बढ़ते वर्कलोड को लेकर अब CoE की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि यदि किसी खिलाड़ी को भविष्य का बड़ा ऑलराउंडर बनाना है, तो उसके खेल और फिटनेस के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। जरूरत से ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ी की फिटनेस पर असर पड़ सकता है।
टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं नीतीश रेड्डी?
नीतीश कुमार रेड्डी की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऑलराउंड क्षमता है। वह तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। यही वजह है कि उन्हें भविष्य में टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना जा रहा है।




