निरोगधाम अस्पताल में जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण: छोटे पैर को दूसरे पैर के समान किया
अकलेरा क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी 30 वर्षीय महिला कविता, पत्नी मुकेश का दाहिने कूल्हे का जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण (Hip Replacement Surgery) अकलेरा के निरोगधाम अस्पताल में सफलतापूर्वक किया गया।
हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. भरत ने बताया कि वर्ष 2009 में कविता एक्सीडेंट में चोटिल होने के बाद दाहिने कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। प्रारंभिक ऑपरेशन के बाद घाव में संक्रमण और मवाद निकलने की समस्या उत्पन्न हुई थी। इसके चलते भरतपुर जाकर दुबारा ऑपरेशन कर पुराने इम्प्लांट और हड्डी को पूरी तरह हटाया गया।
करीब 17 वर्षों तक मरीज लंगड़ाते हुए चलती रही और लगातार दर्द का सामना करना पड़ा। इस दौरान दाहिना पैर छोटा हो गया। दुर्भाग्य से 13 मार्च 2026 को मोटरसाइकिल दुर्घटना में कूल्हे में फिर से चोट लग गई, जिससे दर्द और बढ़ गया। परिजन मरीज को अकलेरा निरोगधाम अस्पताल लेकर पहुंचे।
ऑपरेशन की तैयारी और प्रक्रिया
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोजीत बसाक ने एक्स-रे और सीटी स्कैन के बाद कूल्हा प्रत्यारोपण की सलाह दी। लंबे समय से क्षतिग्रस्त हड्डी और संक्रमण के कारण ऑपरेशन अत्यंत जटिल था।
ऑपरेशन से पहले एक्स-रे, सीटी स्कैन और रक्त जांच सहित सभी आवश्यक जाँचें की गईं और विस्तृत योजना बनाई गई। विशेष प्रकार के इम्पोर्टेड इम्प्लांट मंगवाए गए।
सफलता और रिकवरी
18 मार्च 2026 को सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दो दिन बाद मरीज को वैशाखी के सहारे चलाया गया। वर्तमान में मरीज पूर्णतः स्वस्थ है और बिना दर्द के चल पा रही है। 29 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दी गई।
यह जटिल सर्जरी ना केवल मरीज के लिए राहत लेकर आई, बल्कि स्थानीय क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की क्षमता




