जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने बताया कि 18 जुलाई एवं 21 नवंबर को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के अनुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक की अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में एडीआर सेंटर, टोंक में बैंकों के अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने बैंक से संबंधित एनआई एक्ट (चेक अनादरण) के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों की सूची शीघ्र तैयार करें, ताकि संबंधित न्यायालयों के साथ समन्वय कर पक्षकारों को नोटिस जारी किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि नोटिसों की प्रभावी तामील सुनिश्चित की जाए तथा मामलों के निस्तारण के लिए पक्षकारों के बीच आपसी समझाइश और राजीनामे के माध्यम से समाधान पर विशेष जोर दिया जाए।
सचिव ने यह भी बताया कि विशेष लोक अदालतों से पूर्व प्री-काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि विवादों का समाधान समय रहते मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बढ़ते चेक बाउंस मामलों को देखते हुए यह विशेष लोक अदालतें आमजन, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं, जिससे बिना अदालती जटिलता के सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामलों का निस्तारण संभव होगा।
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