नेपाल में 2 नई झीलों से खतरा बरकरार, 2500 लोग लापता
नेपाल। नेपाल में भीषण बाढ़ और पहाड़ों से भारी मलबा आने के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास बनी दो नई झीलें अब प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई हैं। इनमें से एक झील से लगातार पानी रिस रहा है, जबकि दूसरी झील का आकार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों को आसपास के इलाकों में दोबारा बाढ़ आने का खतरा सता रहा है।
बुधवार को अचानक आए तेज जलसैलाब ने नेपाल और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, रेत, बजरी और बड़ी-बड़ी चट्टानें बहाकर निचले इलाकों तक ले गया। कई जगहों पर सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
दो नई झीलों से बढ़ी चिंता
नेपाल-चीन सीमा के पास पहाड़ों से भारी मलबा नीचे आने के बाद पानी जमा होने से दो नए जलाशय बन गए हैं। प्रशासन लगातार इन दोनों झीलों के जलस्तर और आसपास की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सबसे बड़ी चिंता उस झील को लेकर है, जिससे लगातार पानी रिस रहा है। वहीं दूसरी झील के आकार में बढ़ोतरी होने की जानकारी सामने आई है। अगर पानी का दबाव ज्यादा बढ़ता है और जलाशय टूटता है, तो निचले इलाकों में अचानक तेज बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
2500 लोग लापता, 320 भारतीय शामिल
इस आपदा के बाद लापता लोगों की संख्या करीब 2500 तक पहुंच गई है। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 400 भारतीय नागरिक तिब्बत में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।
आपदा के बाद कई परिवार अपने लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम और प्रभावित इलाकों में मुश्किल हालात के कारण राहत अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं।
नेपाल और तिब्बत में भारी तबाही
भीषण बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में आई तबाही से नेपाल और तिब्बत के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। तेज पानी के साथ आए मलबे और चट्टानों ने रास्तों को नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में लोगों के लिए सामान्य आवाजाही भी मुश्किल हो गई है।
राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अब लोगों को



