नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, मौतों का आंकड़ा 900 के पार
नेपाल में बाढ़ की तबाही लगातार बढ़ती जा रही है। देश में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 919 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 4200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बड़ी संख्या में मकान, सड़कें, पुल, दुकानें और दूसरी जरूरी सुविधाएं बाढ़ के पानी और मलबे की चपेट में आ गई हैं। हजारों परिवारों के सामने अब रहने, खाने और अपनों को तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है।
अज्ञात शवों को दफनाने की तैयारी
बाढ़ के बाद हालात इतने भयावह हो गए हैं कि कई इलाकों में बरामद शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। चितवन के देवघाट इलाके में अज्ञात शवों को दफनाने के लिए सैकड़ों कब्रें तैयार की जा रही हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शवों की पहचान और उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाना है। कई शव लंबे समय तक बाढ़ के पानी और मलबे में फंसे रहने के कारण खराब हो चुके हैं।
प्रशासन की ओर से शवों की पहचान के लिए तस्वीरें, DNA सैंपल और दूसरी जरूरी जानकारी सुरक्षित की जा रही है। इसका मकसद यह है कि भविष्य में जब लापता लोगों के परिवार अपने परिजनों की तलाश करें, तो वैज्ञानिक तरीके से उनकी पहचान की जा सके।
हजारों परिवार अपनों की तलाश में
इस आपदा के बाद हजारों परिवारों का अपने रिश्तेदारों से संपर्क टूट गया है। कई लोग राहत शिविरों में रहकर अपनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। किसी को अपने माता-पिता की चिंता है तो कोई अपने बच्चों और रिश्तेदारों की तलाश कर रहा है। लगातार बारिश, मलबे और खराब सड़कों के कारण कई प्रभावित इलाकों तक राहत टीमों का पहुंचना भी मुश्किल बना हुआ है।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं। जहां रास्ते खुले हैं, वहां लोगों तक भोजन, पानी, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। वहीं कई दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित हाइड्रोपावर प्लांट और सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश भी जारी है।
इस बीच प्रशासन लापता लोगों की जानकारी जुटाने और बरामद शवों की पहचान करने में लगा हुआ है। हालात सामान्य होने में अभी लंबा समय लग सकता है, क्योंकि कई क्षेत्रों में घरों और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है।



