संघर्ष, प्यार, परिवार और दमदार वापसी की प्रेरक कहानी
हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री नीतू कपूर आज अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली नीतू कपूर ने संघर्ष, मेहनत और प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में खास पहचान बनाई। उनका सफर सिर्फ एक सफल अभिनेत्री बनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार, रिश्तों और जीवन की चुनौतियों से जुड़े कई प्रेरणादायक अध्याय भी उनकी कहानी का हिस्सा हैं।
दिल्ली में जन्मी नीतू कपूर का बचपन आसान नहीं था। पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई, जिसके चलते उन्होंने छोटी उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। शुरुआत में वह 'बेबी सोनिया' के नाम से जानी गईं और कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में नजर आईं। बाद में उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
नीतू कपूर और ऋषि कपूर की मुलाकात फिल्मों के दौरान हुई और समय के साथ दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। शुरुआत में उनके रिश्ते को परिवार की मंजूरी नहीं मिली, लेकिन बाद में दोनों ने 22 जनवरी 1980 को शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने परिवार और बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता देते हुए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली।
एक इंटरव्यू में नीतू कपूर ने बताया था कि जब उनकी मां को ऋषि कपूर के साथ उनके रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने नाराजगी जताई थी। वहीं ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में लिखा था कि उन्हें शादी के बाद अपने करियर पर असर पड़ने की चिंता थी। हालांकि समय के साथ दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और सफल जोड़ियों में शामिल हो गई।
करीब ढाई दशक बाद नीतू कपूर ने फिल्मों में वापसी की और अपने अभिनय से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया। 2020 में ऋषि कपूर के निधन के बाद उन्होंने खुद को संभाला और फिल्मों, टीवी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं।




