NEET लीक के बाद 22 छात्रों की मौत, मुआवजा नहीं
NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवाद के बीच छात्रों और उनके परिवारों की परेशानियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, NEET से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले 22 छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का मुद्दा सामने आया था, लेकिन अब तक कई परिवारों को आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है।
e news bharat की पड़ताल में 14 ऐसे परिवारों से संपर्क किया गया, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। परिवारों का कहना है कि सरकारी स्तर पर मुआवजे को लेकर आश्वासन तो मिले, लेकिन उन्हें वास्तविक आर्थिक सहायता नहीं मिली।
22 छात्रों की मौत, परिवारों के सामने बड़ा सवाल
NEET जैसी देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्रों पर पढ़ाई और परीक्षा का दबाव लगातार चर्चा में रहा है। परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के आरोपों के बीच कई परिवारों ने अपने बच्चों को खोया।
इन घटनाओं के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सहायता तथा संवेदनशीलता की बात कही गई। लेकिन भास्कर की रिपोर्ट में सामने आए परिवारों के अनुभव इन दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
14 परिवारों तक पहुंची पड़ताल
रिपोर्ट के अनुसार, 14 पीड़ित परिवारों से बातचीत की गई। इन परिवारों ने बताया कि बच्चों की मौत के बाद उन्हें आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
परिजनों के लिए यह केवल आर्थिक मदद का सवाल नहीं है। उनका कहना है कि बच्चे की मौत के बाद परिवार भावनात्मक और आर्थिक दोनों स्तरों पर टूट जाता है। ऐसे में सरकारी सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण होती है।
वादे के बावजूद नहीं मिला मुआवजा
परिवारों की शिकायतों का सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि मुआवजे को लेकर किए गए वादे जमीन पर दिखाई नहीं दिए। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अब तक किसी तरह की ठोस आर्थिक सहायता नहीं मिली।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा या आश्वासन दिया गया था, तो उसका लाभ पात्र परिवारों तक कब और किस प्रक्रिया के तहत पहुंचेगा।
CJP से भी मदद नहीं पहुंचने का दावा
पड़ताल में सामने आए परिवारों ने यह भी बताया कि उन्हें CJP की ओर से भी किसी तरह की सहायता नहीं मिली। इससे पीड़ित परिवारों की नाराजगी और बढ़ गई है।
परिवारों की स्थिति को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि संबंधित संस्थाएं प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट करें और यह बताया जाए कि किस परिवार को कितनी सहायता स्वीकृत हुई तथा कितनों को राशि वितरित की गई।
NEET व्यवस्था और छात्रों के दबाव पर सवाल
NEET देशभर के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा है। हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा देते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर सुरक्षा और छात्रों के मानसिक दबाव जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।



