नीले ड्रम वाली मुस्कान के केस में फैसले की घड़ी
मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। करीब डेढ़ साल से चल रहे इस मामले में अदालत में अंतिम बहस पूरी हो चुकी है और अब फैसले की तारीख तय है। जिला जज की अदालत में 30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया जाना है। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला आरोपी हैं।
इस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने अदालत के सामने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। सितंबर में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय की तारीख निर्धारित की।
22 गवाहों की गवाही बनी अहम कड़ी
इस पूरे मामले में गवाहों के बयान जांच और अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण रहे। कोर्ट में अलग-अलग गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े सबूतों पर भी बहस हुई। अप्रैल 2026 तक 22 गवाहों की गवाही पूरी होने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद अदालत में आरोपियों से भी मामले को लेकर सवाल किए गए और बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका मिला। यानी अब अदालत के सामने दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मार्च 2025 में मेरठ में सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया। जांच में शव को एक नीले ड्रम में छिपाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद केस मेरठ की जिला अदालत में चला और लगातार सुनवाई हुई।
अदालत में चली लंबी सुनवाई
मामले की सुनवाई कई महीनों तक चली। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 13 महीने की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान 126 पेशियां हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें भी पूरी हो गईं।
अदालत ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया। अब अदालत के सामने मौजूद रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर फैसला सुनाया जाना है।



