खानपुर क्षेत्र के नयागांव ठाकरान में ग्रामीणों को पेयजल की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की बस्ती में 60 से 70 घर हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति के लिए केवल एक ट्यूबवेल उपलब्ध है। यह ट्यूबवेल पूरी बस्ती के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मवेशियों के लिए भी पानी का एकमात्र स्रोत है।
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि सुबह के समय ट्यूबवेल पर लंबी कतार लग जाती है। पानी को लेकर तनावपूर्ण माहौल अक्सर बन जाता है, और कई बार आपसी झगड़े भी होते हैं। जब बिजली कट जाती है, तो ट्यूबवेल काम नहीं करता, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी पाने के लिए तरसना पड़ता है।
ग्रामीण रामभरोश ने बताया कि इस समस्या के कारण बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। आंधी-तूफ़ान और बिजली बाधित होने पर पानी की आपूर्ति और गंभीर समस्या बन जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस स्थिति में केवल एक ट्यूबवेल पर्याप्त नहीं है और प्रशासन से निवेदन है कि तुरंत दूसरा ट्यूबवेल या हैंडपंप लगाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी न केवल लोगों के लिए मुश्किल पैदा करती है, बल्कि मवेशियों के लिए भी संकट का कारण बनती है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो यह समस्या बस्ती में स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नए ट्यूबवेल या हैंडपंप की स्थापना की जानी चाहिए ताकि सभी लोगों और उनके मवेशियों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि आपूर्ति में बाधा न हो, इसके लिए बिजली कटौती की स्थिति में वैकल्पिक समाधान भी उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों की मांग और चिंता स्पष्ट रूप से यह दिखाती है कि नयागांव ठाकरान के ग्रामीणों के लिए पेयजल एक गंभीर समस्या बन चुकी है। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।




