थांवला, जिला नागौर, राजस्थान में शुक्रवार को थांवला पुलिस थाना परिसर में सीएलजी मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने भाग लिया। बैठक में थानाधिकारी सी.आई. अशोक कुमार, पुलिस स्टाफ, ग्राम रक्षक, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी और शांति समिति सदस्य उपस्थित रहे।
मीटिंग का उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझना, उनकी शिकायतें सुनना और उन्हें समाधान का आश्वासन देना था। नागरिकों ने बताया कि थांवला में यातायात जाम की समस्या लगातार बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन ने बस स्टैंड पर ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा।
मीटिंग में पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के लिए उनका मूल मंत्र यही है – “या तो अपराध छोड़ दो या फिर नागौर छोड़ दो।” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार के अपराध को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की और बताया कि वर्तमान में थांवला क्षेत्र में अपराध पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है। जनता ने यह भी बताया कि पुलिस का व्यवहार मित्रवत और सहयोगी है, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ा है।
एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन न केवल अपराध पर अंकुश लगाने के लिए काम कर रहा है, बल्कि थांवला की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी गंभीर प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने नागरिकों से सहयोग और जागरूकता बनाए रखने का अनुरोध किया।
इस मीटिंग से यह स्पष्ट हुआ कि नागौर पुलिस अपराध नियंत्रण, यातायात सुधार और नागरिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता और पुलिस के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए इस प्रकार की मीटिंग नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।




