चुनाव हारीं छीड़ी देवी, लेकिन गांव वालों ने दिल जीत लिया
कुर्सी की लड़ाई में कोई जीतता है, कोई हारता है… लेकिन राजस्थान के एक गांव ने दिखा दिया कि असली जीत भाईचारे की होती है। नागौर जिले के मोदी गांव में सरपंच चुनाव का ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा अब लोगों के बीच हो रही है।
यहां सरपंच पद का चुनाव लड़ने वाली छीड़ी देवी को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन चुनाव में हारने के बाद भी ग्रामीणों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। गांव वालों ने आपसी सहमति से चुनाव लड़वाने के बाद छीड़ी देवी को 25 लाख रुपये की राशि दी।
ग्रामीणों ने क्यों दिए 25 लाख रुपये?
मिली जानकारी के अनुसार, मोदी गांव में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से छीड़ी देवी को चुनाव लड़वाया था। चुनाव का परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया, लेकिन ग्रामीणों ने उनके साथ खड़े रहने का फैसला किया।
गांव वालों का कहना है कि चुनाव में जीत और हार होती रहती है। किसी का चुनाव जीतना या हारना रिश्तों और आपसी भाईचारे से बड़ा नहीं होना चाहिए। इसी सोच के साथ ग्रामीणों ने छीड़ी देवी को 25 लाख रुपये की राशि दी।
गांव की एकता ने दिया बड़ा संदेश
आज के समय में चुनाव के दौरान कई जगहों पर आपसी विवाद और मनमुटाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में नागौर के मोदी गांव की यह घटना भाईचारे और सामूहिक एकता का संदेश देती है।



