नागौर के सुरियास गांव में टूटी परंपरा: पहली बार बेटी ने संभाली परिवार की विरासत, हुआ 'पाग दस्तूर'
नागौर। राजस्थान के नागौर जिले के सुरियास गांव में सामाजिक बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। वर्षों पुरानी परंपरा को बदलते हुए पहली बार परिवार की 10 वर्षीय बेटी भाविका कंवर का 'पाग दस्तूर' किया गया। पिता के निधन के बाद जहां आमतौर पर परिवार की जिम्मेदारी बड़े बेटे या दत्तक पुत्र को सौंपी जाती है, वहीं इस परिवार ने बेटी को ही उत्तराधिकारी मानते हुए सम्मानपूर्वक पगड़ी पहनाई।
परिवार ने लिया ऐतिहासिक फैसला
स्वर्गीय विक्रम सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी और माता ने यह निर्णय लिया कि परिवार की विरासत और जिम्मेदारियां उनकी बेटी भाविका कंवर संभालेगी। इस निर्णय को पूरे परिवार और समाज के लोगों ने स्वीकार किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित पाग दस्तूर में भाविका को सम्मानपूर्वक पगड़ी पहनाकर परिवार की उत्तराधिकारी घोषित किया गया।
सामाजिक बदलाव का बना संदेश
राजस्थान के ग्रामीण समाज में पाग दस्तूर लंबे समय से पुरुष उत्तराधिकारी से जुड़ी परंपरा रही है। ऐसे में एक बेटी को यह सम्मान देना समाज में बदलती सोच और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने परिवार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
बेटियां भी निभा सकती हैं परिवार की जिम्मेदारी
परिवार का कहना है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। यदि अवसर और विश्वास दिया जाए तो वे भी परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ निभा सकती हैं। इसी सोच के साथ भाविका को परिवार की विरासत सौंपी गई।




