नागौर जिले के थांवला क्षेत्र में शुक्रवार शाम आई तेज आंधी ने एक गरीब किसान परिवार की जिंदगी को संकट में डाल दिया। ग्राम दौलतपुरा (नरसिंह बासनी) निवासी पूसा राम रावत पुत्र बन्ना राम अपने परिवार के साथ खेत में बने कच्चे छप्परनुमा आशियाने में निवास कर रहा था। अचानक आई भीषण आंधी के चलते उसका पूरा छप्पर उखड़कर करीब 200 मीटर दूर जा गिरा।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि झोपड़ी की चपेट में आने से एक विद्युत पोल भी धराशायी हो गया। हालांकि गनीमत रही कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची।
घटना के समय छप्पर के भीतर पूसा राम की पत्नी और तीनों बच्चे मौजूद थे। तेज हवाओं के कारण झोपड़ी को सहारा देने वाली पत्थर की पट्टियां टूट गईं। इसी दौरान एक भारी पत्थर की पट्टी एक बच्ची के ऊपर गिर गई, जिससे उसकी आंख के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोट आई तथा हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
आंधी के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने तक का संकट खड़ा हो गया है। छप्पर उड़ जाने से खाद्य सामग्री, कपड़े और घरेलू सामान भी दूर-दूर तक बिखर गया, जिसे बाद में ग्रामीणों की मदद से एकत्रित किया गया। बेघर हुए परिवार की स्थिति देखकर आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सिर से छत छिन जाने का दर्द परिवार के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा है।
पीड़ित किसान की वृद्ध माता ने बताया कि उनके बेटे के रहने के लिए यही एकमात्र झोपड़ी थी, जो अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। परिवार के पास फिलहाल रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने की बात कही है। पटवारी राकेश गुर्जर एवं प्रशासक दौलत राम रावल ने बताया कि मामले की मौका रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार कार्यालय रियां बड़ी को भेजी जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को नियमानुसार राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इस गरीब किसान परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और आवासीय राहत प्रदान की जाए।




