नागालैंड में महिला किसानों को ऑर्गेनिक खरगोश पालन का प्रशिक्षण
भाकृअनुप–केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर (मालपुरा, टोंक) द्वारा देश के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड के कृषि विज्ञान केंद्र पोरबा फेक (भाकृअनुप–राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र, मेडजिफेमा) में 9 मार्च 2026 को संस्थान की पूर्वोत्तर स्कीम (NEH) के तहत इंटीग्रेटेड बैकयार्ड ऑर्गेनिक खरगोश पालन पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के निर्देशन में किया गया। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और महिला किसानों को अतिरिक्त आजीविका के लिए खरगोश पालन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
केवीके फेक के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और अपने संबोधन में राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए कृषि और पशुपालन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
तकनीकी सत्रों में डॉ. रणजीत सिंह गोदारा ने खरगोश पालन के सामान्य पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. अरविंद सोनी ने खरगोश के मांस और खाल के मूल्य संवर्धन पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा डॉ. अजित सिंह महला ने खरगोशों के प्रजनन प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान किसान-वैज्ञानिक संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खरगोश पालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों सहित कुल 22 महिला किसानों को आजीविका संवर्धन के लिए 40 खरगोश, 40 खरगोश पिंजरे, 20 क्विंटल खरगोश दाना, मिनरल मिक्सर और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। यह वितरण नॉर्थ ईस्ट हिल (NEH) उपयोजना के तहत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एर. नुकुसा टी वादेओ




