मुकेश खन्ना बोले- जन गण मन हटाओ, वंदे मातरम् लाओ; बयान पर विवाद
मुंबई। ‘शक्तिमान’ फेम अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को हटाने और उसकी जगह ‘वंदे मातरम्’ को लाने की मांग की है। हालांकि, इस मांग के दौरान उनके बयान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर कई तथ्यात्मक गलतियां भी सामने आईं, जिसके बाद उनका बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
मुकेश खन्ना ने समाचार एजेंसी IANS को दिए एक बयान में कहा कि वह करीब तीन साल पहले भी यह बात कह चुके हैं कि ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगीत बनाया जाना चाहिए। जबकि वंदे मातरम् पहले से ही भारत का राष्ट्रगीत है, वहीं जन गण मन भारत का राष्ट्रगान है।
मुकेश खन्ना ने क्या कहा?
मुकेश खन्ना ने अपने बयान में कहा कि वह चाहते हैं कि जन गण मन को हटाकर वंदे मातरम् को लाया जाए। उन्होंने जन गण मन के इतिहास को लेकर भी टिप्पणी की और इसे ब्रिटिश शासक के सम्मान में लिखा गया गीत बताया।
उन्होंने कहा कि जन गण मन में ‘पंजाब सिंध’ का उल्लेख है और इसी को लेकर उन्होंने सवाल उठाया। हालांकि, अपने बयान में उन्होंने ‘पंजाब सिंध’ को गलत तरीके से ‘पंजाब सिंग’ भी कहा।
मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि देश का अपना गीत वंदे मातरम् है और इसे ज्यादा प्रमुखता मिलनी चाहिए। उन्होंने लता मंगेशकर का भी जिक्र किया और कहा कि वंदे मातरम् को उन्होंने गाया है।
जन गण मन हटाने की मांग
मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि जितनी जल्दी हो सके, जन गण मन को हटाकर वंदे मातरम् को लाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसकी शुरुआत हो चुकी है और स्कूलों में वंदे मातरम् को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद वंदे मातरम् को लेकर एक गाना तैयार कर रहे हैं, जिसे वह करीब छह महीने में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं।
बयान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर हुई गलती
मुकेश खन्ना के बयान का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा यह है कि उन्होंने वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत बनाने की बात कही, जबकि भारत में वंदे मातरम् को पहले ही राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है।
वहीं जन गण मन भारत का राष्ट्रगान है। दोनों की संवैधानिक और आधिकारिक स्थिति अलग है। ऐसे में जन गण मन को राष्ट्रगान से हटाने और वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत बनाने की मांग करते हुए इन दोनों के बीच अंतर को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
उन्होंने जन गण मन का नाम भी कई बार गलत उच्चारण के साथ लिया। इसके अलावा पंजाब-सिंध का उल्लेख करते समय भी उनसे गलती हुई।
केंद्र सरकार ने जारी किए नए निर्देश
इसी बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान जन गण मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मौजूदा नियमों में पहले से यह तय है कि किन कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन या वादन किया जाना जरूरी है।
नए निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी एक कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाने हैं तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन गण मन प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य गीत होने पर भी रहेगा यही क्रम
केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक, जिन राज्यों में अपना राज्य गीत है, वहां भी निर्धारित क्रम का पालन किया जाएगा। यानी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ राज्य गीत की प्रस्तुति होने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करना होगा।



