मानसून से पहले बड़ा कदम, अशोक चांडक ने कलेक्टर से की नालों की सफाई की मांग
श्रीगंगानगर में आगामी मानसून को देखते हुए शहर में जलभराव और नालों की खराब स्थिति का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पूर्व सभापति एवं भाजपा नेता अशोक चांडक ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के प्रमुख नालों और गंदे पानी के गड्ढों की तत्काल सफाई करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दौरान शहरवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में बताया गया है कि शहर के कई प्रमुख नाले सिल्ट, कचरे और गंदगी से भरे हुए हैं। इसके चलते मामूली बारिश में भी अनेक क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे आमजन का आवागमन प्रभावित होता है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
अशोक चांडक ने बताया कि पुरानी आबादी, इंदिरा वाटिका, राधेश्याम रोड, चांडक कोठी रोड, पहल चौक सहित कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था बेहद कमजोर हो चुकी है। नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बरसात में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती है। इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ मच्छरों और जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि उनके सभापति कार्यकाल के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता से नालों और गंदे पानी के गड्ढों की नियमित सफाई करवाई जाती थी। इस कारण शहर में पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर बनी रहती थी और बारिश के दौरान लोगों को कम परेशानी होती थी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान शुरू करने की मांग की।
अशोक चांडक ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मानसून शुरू होने से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन संसाधनों की कमी के कारण यह कार्य कराने में असमर्थ है तो चंद्रकला चांडक चैरिटेबल ट्रस्ट इस जनहित कार्य में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा पूर्व में भी शहरहित में कई सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्य किए जा चुके हैं। ऐसे में शहरवासियों को बारिश के दौरान राहत दिलाने के लिए ट्रस्ट प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार है।
आगामी मानसून को देखते हुए यह मुद्दा अब शहरवासियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाकर जलभराव की समस्या से राहत दिलाएगा और शहर में बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा




