RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, शादी, लिव-इन, Gen-Z और LGBTQ पर रखी अपनी राय
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विवाह संस्था, लिव-इन रिलेशनशिप, Gen-Z, मोबाइल की बढ़ती लत और LGBTQ समुदाय जैसे सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि समाज, परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी का आधार है। भागवत ने कहा कि शादी व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, धर्म और कर्तव्य की भावना विकसित करती है, जबकि लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर उन्होंने कहा कि दुनिया अब इसके परिणामों को देख रही है। उन्होंने LGBTQ समुदाय के लोगों के सम्मान और गरिमा की भी बात कही।
'शादी व्यक्ति को अनुशासन और धर्म सिखाती है'
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार माना गया है। उनके अनुसार शादी व्यक्ति को अपने परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदार बनाती है। उन्होंने कहा कि विवाह के बाद व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझता है और यही समाज को स्थिरता प्रदान करता है।
लिव-इन रिलेशनशिप पर जताई चिंता
भागवत ने लिव-इन रिलेशनशिप का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया इसके वास्तविक परिणामों को देख रही है। उनके अनुसार कई लोग जिम्मेदारियों से बचते हुए केवल सुख की तलाश करते हैं, जबकि विवाह जीवन में उत्तरदायित्व की भावना पैदा करता है। उन्होंने संकेत दिया कि पारिवारिक व्यवस्था समाज को स्थिर और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Gen-Z को लेकर क्या बोले?
RSS प्रमुख ने नई पीढ़ी यानी Gen-Z का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के युवा कई बार भावनात्मक रूप से तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण फैसले शांत दिमाग, धैर्य और विवेक से लेने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को केवल दोष देना उचित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज को भी उनके लिए सही वातावरण तैयार करना होगा।
मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता
मोहन भागवत ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों को कम उम्र में मोबाइल फोन देने से बचें। उनका कहना था कि तकनीक का जरूरत से ज्यादा उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और व्यवहार पर असर डाल सकता है। उन्होंने परिवारों से बच्चों के साथ अधिक समय बिताने और उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करने की अपील की।




