कप्तानी के साथ गेंदबाजी पर भी होगी सिराज की नजर
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को रणजी ट्रॉफी 2026-27 के लिए हैदराबाद टीम की कमान सौंपी गई है। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने सिराज को टीम का कप्तान बनाए जाने का ऐलान किया है। वहीं तेज गेंदबाज चामा मिलिंद को उप-कप्तान की जिम्मेदारी दी गई है।
सिराज के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि अब उन्हें अपनी तेज गेंदबाजी के साथ-साथ टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। रणजी ट्रॉफी का नया सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होगा और हैदराबाद अपने अभियान की शुरुआत त्रिपुरा के खिलाफ मुकाबले से करेगा।
मोहम्मद सिराज पहली बार संभालेंगे हैदराबाद की कप्तानी
मोहम्मद सिराज लंबे समय से भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। अब घरेलू क्रिकेट में उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली है। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने उन पर भरोसा जताते हुए रणजी ट्रॉफी के आगामी सीजन के लिए कप्तान बनाया है।
कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के साथ सिराज के सामने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की चुनौती होगी। उन्हें मैदान पर खिलाड़ियों को लीड करने के अलावा अपनी गेंदबाजी पर भी पूरा ध्यान देना होगा।
चामा मिलिंद बने उप-कप्तान
तेज गेंदबाज चामा मिलिंद को हैदराबाद टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यानी कप्तान सिराज की गैरमौजूदगी या अन्य परिस्थितियों में टीम की जिम्मेदारी मिलिंद के कंधों पर होगी।
मिलिंद लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं और तेज गेंदबाजी के साथ टीम को अनुभव भी प्रदान करते हैं। सिराज और मिलिंद की जोड़ी हैदराबाद के गेंदबाजी आक्रमण के लिए भी अहम साबित हो सकती है।
11 अक्टूबर से शुरू होगा रणजी ट्रॉफी अभियान
रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में हैदराबाद का पहला मुकाबला 11 अक्टूबर को त्रिपुरा के खिलाफ होगा। हैदराबाद को एलीट ग्रुप बी में रखा गया है। इस ग्रुप में सौराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा जैसी टीमें शामिल हैं।
ग्रुप में कई मजबूत टीमों की मौजूदगी के कारण हैदराबाद के लिए हर मुकाबला महत्वपूर्ण होगा। खासकर कर्नाटक और सौराष्ट्र जैसी टीमों के खिलाफ होने वाले मैच टीम के अभियान की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सिराज के सामने कप्तानी के साथ गेंदबाजी की चुनौती
मोहम्मद सिराज के लिए आगामी रणजी सीजन सिर्फ कप्तानी का इम्तिहान नहीं होगा, बल्कि उनकी गेंदबाजी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा।
हाल ही में श्रीलंका दौरे पर उनकी गेंदबाजी की रफ्तार में गिरावट देखने को मिली थी। आमतौर पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास गेंदबाजी करने वाले सिराज ने कई मौकों पर 130 KMPH से कम की गति से गेंद डाली। दो टेस्ट मैचों में उन्होंने 44 ओवर गेंदबाजी की और चार विकेट हासिल किए।
इसके बाद सिराज ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में साउथ जोन के लिए हिस्सा लिया। वहां उनकी गेंदबाजी में लय वापस आने के संकेत दिखाई दिए। चेन्नई की गर्मी में गेंदबाजी करते हुए सिराज ने महसूस किया कि उनका रन-अप और गेंदबाजी रिदम बेहतर हो रहा है।
रणजी ट्रॉफी सिराज के लिए क्यों है अहम?
रणजी ट्रॉफी सिराज के लिए अपनी गेंदबाजी लय को और मजबूत करने का शानदार मौका होगी। लाल गेंद के क्रिकेट में लगातार गेंदबाजी करने से उन्हें अपनी फिटनेस, रिदम और गेंद की गति पर काम करने का अवसर मिलेगा।



