केंद्रीय कैबिनेट के सात बड़े फैसले: सेमीकॉन 2.0, रेलवे विस्तार और काशी विकास को मिली मंजूरी
देश के विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर रेलवे, सेमीकंडक्टर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, उर्वरक उत्पादन और काशी के विकास जैसे कई अहम क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और आर्थिक विकास को गति देना है।
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट और CCEA की बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में लिए गए फैसले देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी।
काशी के विकास को मिलेगा नया आयाम
कैबिनेट के पहले दो फैसले वाराणसी (काशी) के बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े हैं।
सरकार काशी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर लगातार काम कर रही है। नई परियोजनाओं के जरिए शहर में बेहतर कनेक्टिविटी, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सेमीकॉन 2.0 मिशन को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने Semicon 2.0 Mission को भी मंजूरी दे दी है।
इस मिशन का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
आज के दौर में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण और रक्षा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार घरेलू स्तर पर चिप निर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Semicon 2.0 Mission के जरिए भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय कैबिनेट ने मोबाइल फोन निर्माण को प्रोत्साहित करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इस योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।
सरकार पहले से ही 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसी योजनाओं के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा दे रही है। नई मंजूरी से घरेलू उत्पादन, निवेश और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर
कैबिनेट ने




