मिर्जापुर द फिल्म रिव्यू: फिर लौटा गद्दी का खेल
‘मिर्जापुर’ की दुनिया एक बार फिर बड़े पर्दे पर उतर चुकी है। मुन्ना भैया का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू पंडित का गुस्सा एक बार फिर कहानी को उसी पुराने अंदाज में आगे बढ़ाते हैं। 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु अपने चर्चित किरदारों में वापस आए हैं। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है।
कहानी में क्या है?
फिल्म की कहानी ‘मिर्जापुर’ की उसी दुनिया में जाती है, जहां सत्ता और गद्दी के लिए रिश्ते भी दांव पर लग जाते हैं। कालीन भैया यानी अखंडानंद त्रिपाठी का शांत लेकिन खतरनाक अंदाज बरकरार है। दूसरी तरफ गुड्डू पंडित के अंदर बदले और अपनी जगह बनाने का गुस्सा दिखाई देता है।
मुन्ना भैया की वापसी इस कहानी का सबसे बड़ा आकर्षण है। उनका सनकी अंदाज और अचानक कुछ भी कर गुजरने वाला रवैया फिल्म में पुराने ‘मिर्जापुर’ वाले रंग को वापस लाता है। कहानी में नए किरदार और नई चुनौतियां भी शामिल हैं, जिससे गद्दी की लड़ाई एक बार फिर दिलचस्प हो जाती है।
एक्टिंग सबसे मजबूत पक्ष
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है। पंकज त्रिपाठी ने कालीन भैया के किरदार में अपने पुराने ठहराव को बरकरार रखा है। बिना ज्यादा शोर किए उनका किरदार पर्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है।
दिव्येंदु की मुन्ना भैया के रूप में वापसी भी दर्शकों को खास पसंद आ रही है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में उनके किरदार को लेकर थिएटर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। वहीं अली फजल ने गुड्डू पंडित के गुस्से और आक्रामक अंदाज को फिर से मजबूती से पेश किया है।
रवि किशन की एंट्री और उनके किरदार बब्बन बबुआ को भी फिल्म के अहम हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी मौजूदगी कहानी में नया दबाव और मुकाबला पैदा करती है।
एक्शन और डायलॉग
‘मिर्जापुर’ से दर्शकों को जिस तरह के एक्शन, बंदूकें और दमदार डायलॉग की उम्मीद रहती है, फिल्म उस मामले में पीछे नहीं हटती। कई सीन्स ऐसे हैं जहां पुराने फैंस को वेब सीरीज वाला माहौल महसूस हो सकता है।
फिल्म में देसी अंदाज वाले डायलॉग भी हैं, जो थिएटर में सीटी और तालियां बटोरने की क्षमता रखते हैं। शुरुआती रिव्यू में एक्शन और कलाकारों की परफॉर्मेंस को फिल्म की मजबूत खूबियों में गिना गया है।
कहां थोड़ी कमजोर पड़ती है फिल्म?
फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसकी लंबाई और कहानी की रफ्तार बताई जा रही है। शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं में कुछ लोगों ने कहानी के ज्यादा लंबा खिंचने और कई जगह जरूरत से ज्यादा चीजें समझाए जाने की बात कही है।



