माटुंदा में जलमग्न आम रास्ता, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
उपखंड के निकटवर्ती माटुंदा गांव में लंबे समय से मुख्य आम रास्ते पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। पानी भर जाने के कारण मार्ग लगभग अवरुद्ध हो चुका है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीण दुर्गालाल सैनी, जगदीश सैनी और दीपक सैनी ने बताया कि यह गांव का प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर गुजरते हैं। लंबे समय से पानी भरा होने के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है, जबकि दुपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में सरपंच और ग्राम सेवक को कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
दुर्घटना और बीमारी का बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार रास्ते में कीचड़ और गहरे पानी के कारण आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
इसके अलावा लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
स्थायी समाधान की मांग
माटुंदा गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मानसून के सक्रिय होने से पहले मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मार्ग को दुरुस्त कर राहत नहीं पहुंचाई गई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



