Census 2027 से पहले NRC लागू करने की मांग को लेकर इम्फाल में छात्रों का प्रदर्शन तेज, सरकार ने 20 से 22 अगस्त तक शिक्षण संस्थान बंद किए
‘पहले NRC कराओ, फिर जनगणना!’ इस मांग को लेकर मणिपुर में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया है। इम्फाल में सैकड़ों छात्र और नागरिक संगठन Census 2027 से पहले National Register of Citizens यानी NRC लागू करने की मांग कर रहे हैं। बढ़ते विरोध और तनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है।
1951 को आधार वर्ष बनाने की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC तैयार या अपडेट किया जाए। उनका कहना है कि पहले राज्य में रहने वाले वास्तविक नागरिकों की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए और उसके बाद जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इससे Census 2027 के आंकड़े ज्यादा स्पष्ट और भरोसेमंद हो सकते हैं।
20 से 22 अगस्त तक बंद रहेंगे संस्थान
छात्रों के प्रदर्शन और बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने 20, 21 और 22 अगस्त को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है। इससे पहले भी छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर NRC की मांग उठाई थी।
वहीं 14 अगस्त को बिष्णुपुर जिले में Census कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी प्रदर्शनकारियों ने बाधित किया था। इसके बाद NRC की मांग को लेकर 48 घंटे के बंद का आह्वान किया गया, जिसका असर खास तौर पर इम्फाल घाटी में देखने को मिला।
बंद के दौरान कई जगहों पर असर
बंद के दौरान कई बाजार बंद रहे और सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। कुछ इलाकों में बंद का उल्लंघन करने वाली दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई।
मामला दिल्ली तक पहुंचा
NRC की मांग अब राज्य से निकलकर दिल्ली तक पहुंच चुकी है। विभिन्न समुदायों और नागरिक संगठनों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के सामने अपनी मांग रखने दिल्ली पहुंचा है।



