केकई व दशरथ संवाद एवं भगवान श्री राम को 14 वर्ष वनवास का मंचन
चैत्र नवरात्र के अवसर पर कुंज चौक में आयोजित ऐतिहासिक ढाई कड़ी की रामलीला में राजा दशरथ और केकई संवाद तथा भगवान श्रीराम के 14 वर्ष वनवास की मार्मिक लीलाओं का मंचन किया गया।
रामलीला में केकई द्वारा दो वरदान मांगने का दृश्य जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्रीराम को वनवास और भरत को अयोध्या का राजतिलक देने की मांग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके साथ ही चित्रकूट के घाट पर तुलसीदास द्वारा भगवान श्रीराम को चंदन तिलक करने की झांकी भी प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्रजराज सिंह पुरोहित (जोधपुर) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में रामस्वरूप नागर, सत्यवीर भार्गव, डी.के. चौरसिया और समाजसेवी रामप्रताप तिवारी शामिल रहे। सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम की झांकी की आरती कर आशीर्वाद लिया। रामलीला समिति द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
लीला में देवताओं द्वारा मां सरस्वती से प्रार्थना, केकई का कोप भवन जाना और राजा दशरथ से वचन मांगने के प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनगमन का दृश्य दर्शकों के लिए अत्यंत भावुक रहा।
रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने धार्मिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया। आयोजकों ने बताया कि अगले दिन सीता हरण की लीलाओं का मंचन किया जाएगा।
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