स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत पंचायत समिति मांगरोल में विकास अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई ग्राम पंचायतों में गंभीर खामियां सामने आईं।
ग्राम पंचायत मऊ में कचरा संग्रहण इकाई के आसपास प्लास्टिक थैलियों का फैलाव पाया गया। वहीं सहरिया बस्ती स्थित विद्यालय के पास चल शौचालय टूटा हुआ मिला।
ग्राम कराडिया में ग्रामीणों ने शिकायत की कि पिछले एक माह से न तो नालियों की सफाई हुई है और न ही घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। इसके अलावा बाढ़ के पेड़ के पास कचरे का बड़ा ढेर भी देखा गया।
ग्राम पंचायत बमोरी कला के पाली रोड पर भी कचरे के ढेर और प्लास्टिक का फैलाव मिला। पाली गांव में रामप्रसाद के मकान के पास नाले में पानी ठहरा हुआ पाया गया।
ग्राम पंचायत माल बमोरी के रामपुरा भगतान में बहादुर बेरवा के मकान के पास नाली कचरे से भरी हुई मिली। वहीं जलोदा तेजाजी के ग्राम बलवान खेड़ी में आरओ के पास गंदगी और कचरे का ढेर पाया गया, जहां ग्रामीणों ने एक माह से सफाई नहीं होने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान विकास अधिकारी ने शाखा प्रभारी को संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ सहायक विकास अधिकारी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ब्लॉक समन्वयक भी मौजूद रहे।
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