नहर सुधारिकरण में करोड़ों के निर्माण कार्य में अनियमितताओं पर किसानों ने उठाई कार्रवाई की मांग
राजस्थान सरकार द्वारा नहरों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सिंचित क्षेत्र विकास विभाग के माध्यम से नाबार्ड वित्तपोषित योजना के तहत दायी मुख्य नहर का पक्कीकरण कार्य कराया जा रहा है। मूंडली और सोकंदा पुलिया से रक्सपुरिया पुलिया तक करीब 8.76 किलोमीटर लंबाई में 43.44 करोड़ रुपए की लागत से सीसी लाइनिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि किसानों ने इस निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संयुक्त किसान संघर्ष समिति के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। किसानों का आरोप है कि 100 किलोमीटर तथा 103.65 से 104 किलोमीटर के बीच स्लोप और बेड पर मशीनों से की गई सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग में जगह-जगह 5 से 10 फीट लंबी आड़ी, तिरछी और सीधी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर बनी दरारों और क्रैक को छिपाने के लिए संवेदक द्वारा सीमेंट और डामर का घोल भरकर उन्हें ढकने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि यह गंभीर लापरवाही है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
संयुक्त किसान संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी महावीर मूंडली, समिति संयोजक रामचंद्र मीणा, साहब लाल, मनीष कुमार सहित कई किसानों ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की जीवनदायिनी मानी जाने वाली दायी मुख्य नहर को मजबूत बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन हो रहा है तो यह विभागीय अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
किसानों ने घटिया निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने, निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने तथा संवेदक फर्म और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में समिति के पदाधिकारियों ने सिंचित क्षेत्र विकास विभाग के अधिशासी अभियंता




