फसल बीमा क्लेम नहीं मिलने पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, बीमा कंपनी की निकाली शव यात्रा
संयुक्त किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को मांगरोल कृषि उपज मंडी में विधानसभा क्षेत्र के करीब 70 गांवों से बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और फसल खराबे के मुआवजे व बीमा क्लेम की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया।
किसानों ने कृषि उपज मंडी से तहसील कार्यालय तक बीमा कंपनी की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर विरोध जताया और तहसील कार्यालय का घेराव किया। किसानों का कहना है कि खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और बीमा क्लेम पिछले नौ माह से लंबित है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग पत्र देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। साथ ही गलत सर्वे रिपोर्ट भेजे जाने और प्रशासनिक लापरवाही पर भी नाराजगी जताई गई।
समिति संयोजक रामचंद्र मीणा ने कहा कि जिले के अन्य क्षेत्रों में किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन मांगरोल क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंकों द्वारा किसानों के खातों से बीमा प्रीमियम तो काट लिया जाता है, लेकिन नुकसान होने पर बीमा क्लेम देने में टालमटोल की जाती है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने संपूर्ण कर्जमाफी, महलपुर डेम की अधिकृत भूमि का मुआवजा, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, मांगरोल कृषि उपज मंडी को चालू करने और मांगरोल-बारां रोड के शीघ्र निर्माण की मांग भी उठाई।
किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन राज्य सरकार के नाम तहसीलदार को सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि पंचायत चुनाव से पहले मुआवजा और बीमा क्लेम जारी नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में महावीर मूडली, दुलीचंद बोरदा, जुगराज मीणा, राकेश मीणा, रामगोपाल, साहबलाल, रामप्रसाद, उमाशंकर, राजेंद्र नागर, मुकेश कुमार, सतेंद्र सीमल्या, हरिओम, विनोद कुमार, भरत और अंकित बागड़ी




