मांगरोल में 50 लाख के सीसीटीवी कैमरे सालों से खराब, सुध लेने वाला कोई नहीं
कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे अब खोखले नजर आ रहे हैं। नगर पालिका द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं और धूल फांक रहे हैं।
कैमरों के बंद होने से पुलिस को आपराधिक घटनाओं और लापता मामलों की जांच में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में शुक्रवार को लापता हुए एक बालक का शव शनिवार को माइनर में मिलने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि चौराहों पर लगे कैमरे चालू होते, तो पुलिस को बालक को समय रहते ढूंढने में मदद मिल सकती थी। इससे पहले भी सब्जी मंडी में एक महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र चोरी होने की घटना में कैमरों की कमी साफ नजर आई थी।
सीएलजी बैठकों की अनदेखी
स्थानीय थाने में आयोजित सीएलजी की मासिक बैठकों में सदस्य लगातार कैमरों को ठीक कराने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कैमरों को जल्द ठीक कराने का एक बार फिर आश्वासन दिया है।
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