मांगरोल के ग्राम भटवाड़ा में चल रही संगीतमय भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को राम कथा का प्रसंग श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कथा वाचक प्रमोद शास्त्री ने राम कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्याग, प्रेम और आदर्श जीवन की प्रेरणा देने वाली कथा है, जिसे केवल सुनना ही नहीं बल्कि जीवन में उतारना भी आवश्यक है।
उन्होंने चैत्र मास की शुक्ल नवमी पर भगवान श्रीराम के जन्म, उनके बाल रूप, राजा दशरथ के यहां बधाई, भरत के आदर्श चरित्र और सीता-राम विवाह उत्सव का सजीव वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु राम जन्म के भजन, बधाई गीत और विवाह उत्सव के गीतों पर झूम उठे।
भरत चरित्र का वर्णन करते हुए बताया गया कि भरत ने अपने भाई राम के प्रति अद्भुत प्रेम और त्याग का परिचय दिया। उन्होंने 14 वर्षों तक राम की पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं तपस्वी जीवन व्यतीत किया, जो आदर्श भाईचारे और त्याग का प्रतीक है।
कथा के समापन पर मुख्य यजमान कोशल शर्मा, ललित शर्मा और कपिल राजेश द्वारा आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर हुए।
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