मांगरोल-बारां सड़क मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है, जहां जगह-जगह बने गहरे गड्ढे किसानों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रहे हैं। इस खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल को मंडी तक पहुंचाने में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इन दिनों रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं को किसान बारां कृषि उपज मंडी में बेचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जा रहे हैं। लेकिन सड़क पर बने गड्ढों के कारण जैसे ही ट्रैक्टर का पहिया गड्ढे में गिरता है, ट्रॉली में भरी कृषि जिंस सड़क पर बिखर जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उनकी उपज का एक हिस्सा रास्ते में ही खराब हो जाता है या बर्बाद हो जाता है।
स्थिति यह है कि कई बार किसानों को अन्य वाहन चालकों से सूचना मिलने पर ही पता चलता है कि उनकी फसल सड़क पर गिर गई है। इसके बाद उन्हें मजबूरन ट्रैक्टर रोककर सड़क पर फैली उपज को समेटना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती है।
मांगरोल से लेकर खेडली, समसपुर और कर्मा जी की बावड़ी तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हर कुछ दूरी पर गड्ढे बने हुए हैं। इससे न केवल किसान, बल्कि आम वाहन चालक भी परेशान हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मांगरोल-बारां सड़क मार्ग का निर्माण कार्य पीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड के तहत कोटा डिवीजन द्वारा कराया जाएगा और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
हालांकि, जब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक किसानों और आमजन को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि सड़क की खराब हालत से रोजाना नुकसान और खतरा बढ़ता जा रहा है।
यह समस्या केवल सड़क की खराब स्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आजीविका और सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है, जिस पर जल्द ध्यान देना आवश्यक है।




