वरिष्ठ नागरिक मंच मालपुरा द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए विस्तृत अभ्यावेदन में नगर के विकास, सरकारी भूमि संरक्षण और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। मंच ने नगरपालिका और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विभिन्न मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अभ्यावेदन में महेश सेवा सदन एवं विजयवर्गीय सेवा सदन के सामने पूर्व दिशा में स्थित लगभग 16 बीघा सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई है। साथ ही झालरा तालाब की पाल एवं केकड़ी रोड क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा जारी किए गए कथित अवैध पट्टों और भूमि आवंटन को निरस्त करने की भी मांग रखी गई है।
मंच ने ऐतिहासिक मेला मैदान के सौंदर्यकरण, झालरा तालाब की पाल पर घाट निर्माण तथा उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी प्रशासन के समक्ष रखा है। इसके अलावा सरकारी भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए पाल क्षेत्र को पुनः नगरपालिका के नियंत्रण में लेने की मांग की गई है।
अभ्यावेदन में गणगौरी मैदान को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कराकर सार्वजनिक आयोजनों के लिए विकसित करने की आवश्यकता भी जताई गई है। मंच ने बताया कि श्रावणी तीज और जलझूलनी एकादशी जैसे आयोजनों के दौरान बरसाती पानी भरने की समस्या बनी रहती है, जिसके स्थायी समाधान के लिए सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में नाली निर्माण कराया जाना आवश्यक है।
वरिष्ठ नागरिक मंच ने माननीय उच्च न्यायालय जयपुर पीठ द्वारा 16 फरवरी 2026 को पारित आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की भी मांग की है। मंच का कहना है कि गणगौरी मैदान एवं केकड़ी रोड क्षेत्र में समझौता अनुबंध का उल्लंघन कर बेचे गए भूखंडों को राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 73-बी के तहत निरस्त किया जाना चाहिए।
इस जनहित अभियान को मुस्लिम समाज का भी समर्थन मिला है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मंच की मांगों का समर्थन किया है। साथ ही 10 जून 2026 को दिए गए ज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्टों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई है।
इस अभियान में चम्पालाल जैन, चन्द्रमोहन उपाध्याय, गोविन्द नारायण विजय, रामगोपाल कनोजिया, आर.जे. खींची, दिनेश कान्त पाण्डेय, महावीर प्रसाद जैन, अमरचंद मेंदवास्या, बालकिशन शर्मा, आर.एल. दीपक, महावीर जैन बघेरा, अर्जुनलाल अग्रवाल तथा दशरथलाल शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।




