माली समाज द्वारा श्री रघुनाथ मंदिर में महान समाज सुधारक ज्योति राव फुले की जयंती हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम में समाज बंधुओं ने फुले जी के जीवन, उनके संघर्षों तथा समाज सुधार के कार्यों पर विस्तृत चर्चा करते हुए वर्तमान समय में समाज के विकास हेतु ठोस संकल्प लिए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महात्मा फुले द्वारा दलितों, पिछड़ों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए कार्यों—जैसे बालिका शिक्षा, विधवा विवाह, सती प्रथा उन्मूलन एवं अनाथालय स्थापना—पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने रखे विचार, शिक्षा व एकता पर जोर
कार्यक्रम में गणपत लाल माली ने कहा कि जयंती की सार्थकता तभी है जब हम उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें और समाज को शिक्षा एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं।
हंसराज सैनी ने फुले जी के जीवन परिचय एवं समाज सुधार कार्यों पर प्रकाश डाला। सुखलाल पड़ोलिया ने विषम परिस्थितियों में उनके संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जातिवाद, बाल विवाह और कुरीतियों के खिलाफ क्रांति की।
कैलाश बढ़ेरा ने वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती लत पर चिंता जताई और अभिभावकों से शिक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया।
भगवान माली ने छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। मुकेश माली ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया।
संगठन और नेतृत्व की आवश्यकता पर चर्चा
कालूराम माली (अध्यापक) ने समाज की स्थिति को “बिना कप्तान के जहाज” बताते हुए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट लक्ष्य और संगठित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
उन्होंने शिक्षा, रोजगार, आर्थिक कमजोरी और अंधविश्वास जैसी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया।
आगामी कार्य योजना पर सहमति
बैठक में समाज के समग्र विकास हेतु संगठित कार्य योजना बनाने का निर्णय लिया गया। अगली बैठक 16 मई 2026 को माली धर्मशाला, बस स्टैंड पर आयोजित होगी।
इसके लिए गणपत माली, हंसराज सैनी, मुकेश आसावरा, घीसालाल बडेरा एवं कालूराम माली को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम में बालकिशन बडेरा, दिनेश सैनी, कैलाश बागवान, गणेश माली, भैरू माली, रामेश्वर माली सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित रहे।




