अमित शाह ने भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना की
नई दिल्ली: भारत की सुरक्षा एजेंसियों को विदेश में छिपे कुख्यात अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मलेशिया से तीन कुख्यात गैंगस्टर्स को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये तीनों आरोपी बंबीहा गैंग से जुड़े हुए हैं।
विदेश में मौजूद वांछित अपराधियों को भारत वापस लाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित देश की कानूनी प्रक्रिया, प्रत्यर्पण संबंधी औपचारिकताओं और दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय की जरूरत होती है। मलेशिया से तीन आरोपियों का भारत लाया जाना इसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एजेंसियों की कार्रवाई का हिस्सा है।
अमित शाह ने भारतीय एजेंसियों की सराहना की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुख्यात अपराधियों के प्रत्यर्पण को सफल बनाने के लिए भारतीय एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सुरक्षित एवं संरक्षित भारत के विजन का भी उल्लेख किया।
अमित शाह ने इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि गंभीर अपराधों में शामिल और कानून से बचकर विदेशों में रह रहे वांछित अपराधियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाया जाए।
बंबीहा गैंग से जुड़े हैं तीनों आरोपी
अमित शाह के अनुसार मलेशिया से भारत लाए गए तीनों कुख्यात अपराधियों के संबंध बंबीहा गैंग से बताए गए हैं। बंबीहा गैंग का नाम लंबे समय से संगठित अपराध और गैंगवार से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां ऐसे आपराधिक नेटवर्क पर नजर रखती हैं, जिनके सदस्य भारत से बाहर जाकर अपनी गतिविधियों को संचालित करने या कानून से बचने की कोशिश करते हैं। विदेशों में मौजूद ऐसे आरोपियों को वापस लाने के लिए भारतीय एजेंसियां संबंधित देशों के साथ समन्वय करती हैं।
हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उसके दोषी होने के बीच कानूनी अंतर होता है। भारत लौटने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
विदेशों में छिपे अपराधियों पर एजेंसियों की नजर
भारत में गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित कई आरोपी अलग-अलग देशों में छिपने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में केवल घरेलू स्तर पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होता। आरोपी जिस देश में मौजूद होता है, वहां की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
इसी वजह से प्रत्यर्पण किसी भी देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके लिए अपराध से जुड़े दस्तावेज, अदालतों के आदेश, आरोपी की पहचान और संबंधित कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ सकता है।
मलेशिया से तीन आरोपियों का प्रत्यर्पण भी इसी व्यापक प्रक्रिया के तहत हुआ है। इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि विदेशों में मौजूद वांछित अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षित भारत के विजन का जिक्र
अमित शाह ने इस कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सुरक्षित और संरक्षित भारत के विजन को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया।
सरकार की सुरक्षा नीति में संगठित अपराध, आतंकवाद और देश से बाहर रहकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई को अहम माना जाता है। ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ राज्य पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



