मकराना में भीषण आग से मची अफरा-तफरी, लाखों का सामान जलकर राख
राजस्थान के मकराना में शनिवार सुबह मंगलाना रोड पर हसीना मैरिज गार्डन के टेंट गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास स्थित खुशी गारमेंट्स की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से गोदाम और दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय स्तर पर भारी नुकसान की बात सामने आई है, हालांकि नुकसान की सटीक राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आग की लपटें देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मोर्चा संभाला। मकराना के अलावा कुचामन से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पुलिस ने खाली करवाई आसपास की दुकानें, होंडा शोरूम भी कराया खाली
आग फैलने का खतरा देखते हुए थानाधिकारी पंकज कुमार और हेड कांस्टेबल हरफूल मीणा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से आसपास की दुकानों को खाली करवाया। पड़ोस की हार्डवेयर दुकान, डेंटल क्लिनिक और अन्य दुकानों से सामान बाहर निकलवाया गया। पास स्थित होंडा शोरूम को भी एहतियातन खाली कराया गया।
समय रहते आसपास की दुकानों को खाली करवाने से आग के और फैलने का खतरा कम हुआ। इस घटना ने एक बार फिर बाजारों में आग से सुरक्षा और आपातकालीन इंतजामों की अहमियत सामने ला दी है।
शहर में फायर स्टेशन होने के बावजूद बाहर से क्यों बुलानी पड़ी दमकल?
इस घटना के बाद मकराना की अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। व्यापारी जुगल किशोर ने कहा कि मकराना एक बड़ा शहर है और यहां आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बावजूद दमकल की गाड़ियां कुचामन से भी बुलानी पड़ीं।
अब सवाल यह है कि जब मकराना में फायर स्टेशन मौजूद है, तो आग बुझाने के लिए दूसरी जगहों से दमकल क्यों बुलानी पड़ी? क्या शहर में पर्याप्त दमकल गाड़ियां और जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं? अगर आग किसी और बड़े बाजार या रिहायशी इलाके में लग जाए, तो क्या मौजूदा व्यवस्था समय पर मदद पहुंचा पाएगी?



