मकराना औद्योगिक क्षेत्र में मार्बल स्लेरी वेस्टेज पर कथित अवैध रॉयल्टी वसूली को लेकर लघु उद्यमियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि राजस्थान सरकार के खान विभाग (ग्रुप द्वितीय) द्वारा 27 अक्टूबर 2017 को जारी नोटिफिकेशन में मार्बल स्लेरी और पाउडर को रॉयल्टी मुक्त घोषित किया गया था, इसके बावजूद रॉयल्टी ठेकेदार बिदीयाद व मकराना स्थित नाकों पर वेस्टेज स्लेरी पाउडर पर 130 रुपये प्रति टन की वसूली कर रहे हैं।
बोरावड़ रोड व्यापार मंडल, बिदीयाद इंडस्ट्रीज एरिया व्यापार मंडल और मकराना व्यापार मंडल सहित मार्बल व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों ने कई बार राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर इस वसूली को रोकने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि 23 जुलाई 2025 की अधिसूचना के तहत संपूर्ण मार्बल स्लेरी पर रॉयल्टी छूट प्रदान की गई है, जबकि 12 जनवरी 2026 से खनिज अभियंता, मकराना के आदेश के बाद मार्बल पांडु (कच्चा माल/पत्थर) पर खान स्तर पर वसूली शुरू कर दी गई।
व्यापारियों का आरोप है कि मकराना ऐसा खनन क्षेत्र है जहां तैयार स्लैब पर भी रॉयल्टी लागू है। पांडु पर वसूली को लेकर आए दिन व्यापारियों और नाका कर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है, जिससे तनाव बढ़ रहा है।
वहीं खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार मार्बल पाउडर निर्गमन करने वाले वाहनों से रॉयल्टी वसूली की जा रही है। दूसरी ओर व्यापारियों का दावा है कि वेस्टेज मार्बल स्लेरी पांडु पूर्णतः रॉयल्टी मुक्त है और कथित मिलीभगत से अवैध वसूली की जा रही है।
खनिज विभाग के आदेशों पर उठे सवाल
खनिज विभाग, मकराना के एक कार्यालय आदेश में ग्राम बोरावड़ के खनिज मार्बल स्लेरी (पांडु) के डेलीनियटेड प्लॉट संख्या 2 की ई-नीलामी के संदर्भ में निदेशालय के निर्देशों का हवाला दिया गया है। आदेश में पाउडर स्लेरी पांडु के औद्योगिक उपयोग पर नियमानुसार कार्रवाई और वसूली का उल्लेख है।
व्यापारियों का कहना है कि यह आदेश केवल प्लॉट संख्या 2 की ई-नीलामी के संदर्भ में लागू होता है, लेकिन इसकी आड़ में पूरे बोरावड़, मकराना और बिदीयाद क्षेत्र में पांडु पर वसूली की जा रही है। उनका तर्क है कि नियमानुसार रॉयल्टी केवल प्रोसेस्ड पाउडर पर लागू होती है, जो पाउडर प्लांट से ट्रकों में लोड होता है, न कि वेस्टेज स्लेरी पर।




