45 दिनों में पांचवीं मौत, मकराना खदान सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे
मकराना के मार्बल मजदूर यूनियन कार्यालय में खनन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को लेकर एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि पिछले 45 दिनों में खदान में गिरने से यह पांचवीं मौत है, जिससे खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीण स्वदेश ऑर्गनाइजेशन के सचिव पवन भार्गव ने बताया कि हाल ही में गुणावती निवासी लक्ष्मणराम गुर्जर की खदान में गिरने से मौत हुई। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संबंधित विभागों की लापरवाही है। उन्होंने खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी पक्षों को मिलकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
मार्बल मजदूर यूनियन मकराना के सचिव गणेशराम बाबल ने जानकारी दी कि वर्तमान में मकराना खनन क्षेत्र की करीब 250 खदानों का सर्वे कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अधिकांश खदानों में सुरक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर कमियां सामने आई हैं।
बैठक में विचार-विमर्श के बाद यूनियन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यूनियन सर्वे के आधार पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार और संबंधित विभागों को सौंपेगी। साथ ही प्रत्येक खदान की रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट तैयार कर पहले खान मालिकों को संभावित खतरों से अवगत कराया जाएगा।
यदि खान मालिक सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित नहीं करते हैं तो खनिज सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के माध्यम से नियमों का पालन करवाने की मांग की जाएगी।
इसके अलावा यूनियन मकराना खनन क्षेत्र में होने वाले सभी हादसों का रिकॉर्ड तैयार करेगी। प्रत्येक दुर्घटना की फैक्ट फाइल बनाई जाएगी, जिसमें घटना स्थल का निरीक्षण, मृतक के परिजनों से बातचीत और विस्तृत दुर्घटना जांच रिपोर्ट शामिल होगी।
यूनियन ने यह भी निर्णय लिया कि खान मालिकों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, उनके नियमित उपयोग और सभी सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।




