डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना कस्बे में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब लंबे समय से प्रतीक्षित नए न्यायालय भवन का विधिवत शिलान्यास और भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने पंडित विमल आचार्य के सानिध्य में भवन की नींव रखी।
पूजन में एडवोकेट विजय सिंह राजपुरोहित सपत्नीक मौजूद रहे। नए न्यायालय भवन के निर्माण पर लगभग 12.54 करोड़ रुपए की लागत आएगी। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों द्वारा पौधारोपण भी किया गया।
बार संघ ने सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा अनुसार माला, साफा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान कलेक्टर अवधेश मीणा और एएसपी विमल सिंह नेहरा ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत कर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
सीजे संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगा और इससे न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि जहां संभव हो, मामलों का निपटारा आपसी समझौते और राजीनामे से करें।
जस्टिस रवि चिरानिया ने इसे अधिवक्ताओं और आमजन के लंबे संघर्ष की जीत बताया, जबकि सेशन जज आशा चौधरी ने भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भरोसा दिया और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने वकीलों के चैंबर निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।
बार संघ अध्यक्ष अकबर अली ने कहा कि पुराने न्यायालय भवन में बरसात के दौरान पानी भरने जैसी समस्याओं से काफी परेशानी होती थी, लेकिन नया भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और बार एवं बेंच के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा, उपखंड अधिकारी अंशुल सिंह, एसीजेएम रूपेंद्र चौहान, बार संघ संरक्षक गणपत लाल सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष दिलीप सिंह, एडवोकेट दिनेश कुमार सोनी, भंवराराम डूडी, नरेंद्र सिंह, सिकंदर खान, पूर्व विधायक बिरदा राम चौधरी सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




