विद्युत विभाग कर्मचारी और स्थानीय भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष के बीच विद्युत निगम कार्यालय में वीडियो बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस थाने तक पहुंच गया, हालांकि देर रात दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया।
दिनभर चले इस घटनाक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र (जे.के.) इंदौरा के परिवाद पर पुलिस ने विद्युत कर्मचारी भूपेंद्र सिंह को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसे बाद में उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालय से जमानत मिल गई। इसके बाद विद्युत निगम अधिकारियों ने ब्लॉक अध्यक्ष के खिलाफ राजकार्य में बाधा और अभद्र व्यवहार का परिवाद दर्ज कराया।
सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे ब्लॉक अध्यक्ष कार्यालय पहुंचे थे, जहां कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि उन्होंने कार्यालय में वीडियो रिकॉर्डिंग की और कार्य में बाधा उत्पन्न की। वहीं दूसरी ओर ब्लॉक अध्यक्ष का कहना है कि वे उपभोक्ता के लंबित कार्य की जानकारी लेने गए थे, जहां कर्मचारी द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विद्युत विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ब्लॉक अध्यक्ष बिना किसी आधिकारिक कार्य के कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया। वहीं ब्लॉक अध्यक्ष ने कर्मचारी पर शराब के नशे में होने और गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया।
इस पूरे मामले के बाद दिनभर पुलिस, प्रशासन और राजनीतिक दबाव की चर्चा तेज रही। आरोप है कि उच्चस्तरीय दबाव के चलते कार्रवाई हुई, जिस पर विद्युत कर्मियों और कई सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई। विद्युत कर्मचारियों ने विरोध भी दर्ज कराया।
इसी बीच समाजसेवी दलपत सिंह सहित कई लोगों ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए विद्युतकर्मी की गिरफ्तारी की निंदा की और भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक संतुलन को प्रभावित करती हैं।
वहीं मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने भी इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की गई है।




