बिजली कटौती पर सख्ती: अधीक्षण अभियंता ने ली समीक्षा बैठक
भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
भीषण गर्मी के बीच आमजन को निर्बाध एवं सुचारू बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्युत विभाग ने अपनी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में डीडवाना-कुचामन के अधीक्षण अभियंता (पवस) फैलीराम मीणा गुरुवार शाम मकराना पहुंचे और एवीवीएनएल कार्यालय में अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली।
बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता ने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, बढ़ते विद्युत भार, तकनीकी चुनौतियों तथा उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए और आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
अधीक्षण अभियंता मीणा ने कहा कि बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की उदासीनता के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होती है तो संबंधित के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद सोनी, सहायक अभियंता मनोज बंसल, कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद इसरार सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र में ट्रिपिंग की स्थिति, रखरखाव कार्यों की प्रगति तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।
इस दौरान अधिशासी अभियंता कार्यालय मकराना द्वारा जारी विशेष आदेश की भी समीक्षा की गई। आदेश के अनुसार 220 केवी जीएसएस मकराना पर बिजली आपूर्ति की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कनिष्ठ अभियंताओं की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
निर्देशों के तहत 10 जून से 12 जून तक प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से 12 बजे तक अलग-अलग कनिष्ठ अभियंता जीएसएस पर मौजूद रहकर बिजली सप्लाई की मॉनिटरिंग करेंगे तथा किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे।
विभागीय आदेश के अनुसार 10 जून को कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद इसरार, 11 जून को जितेंद्र कुमार तथा 12 जून को रूपाराम भाकर को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का उद्देश्य बिजली आपूर्ति में आने वाली संभावित बाधाओं को तुरंत दूर कर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है।




