मकराना में मिनंडक्या रोड स्थित गोविंद की गेया गोशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
कथा वाचक राम स्नेही सियाराम महाराज ने भक्त प्रह्लाद चरित्र, हिरण्यकश्यप वध, भगवान राम एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य दुःख में ईश्वर को याद करता है, लेकिन सुख में उन्हें भूल जाता है, जबकि निरंतर स्मरण से जीवन में दुःख का स्थान नहीं रहता।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को पूर्ण एवं महाअवतार बताते हुए गीता के श्लोक “यदा यदा हि धर्मस्य...” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं।
कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को संघर्षपूर्ण बताते हुए कहा गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने मुस्कुराते हुए जीवन जीने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का सजीव चित्रण किया गया, जिससे पूरा पंडाल नंदालय जैसा प्रतीत हुआ। श्रद्धालु भक्ति गीतों और नृत्य के साथ भावविभोर होकर झूम उठे।
दूर-दराज से आए श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
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