मकराना के मिंडकिया रोड स्थित गोविंद की गेया गोशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक सियाराम महाराज ने भगवान के 24 अवतारों का वर्णन करते हुए धर्म और कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म की वृद्धि होती है और आसुरी शक्तियां भक्तों को कष्ट देती हैं, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए अवतार लेते हैं।
सियाराम महाराज ने वर्तमान समय को कलियुग का भयावह दौर बताते हुए कहा कि आज मानवता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे समय में यदि व्यक्ति धर्म और कर्म के मार्ग पर चलता है, तो वह जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि धर्मवान और कर्मठ व्यक्ति को कोई भी शक्ति उसके मार्ग से नहीं भटका सकती। यदि जीवन में सत्य, धर्म और परिश्रम का साथ हो, तो सफलता निश्चित है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
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