मकराना के आनंद नगर में छह दिवसीय रामलीला महोत्सव का भव्य आगाज
“जहां धर्म की गूंज होती है, वहां संस्कृति का सम्मान होता है, रामलीला के मंचन से ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं का ज्ञान होता है।” इसी धार्मिक भावना के साथ मकराना के आनंद नगर में छह दिवसीय भव्य रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आनंद नगर विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन भगवान श्रीराम की आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
कलाकारों का तिलक और माल्यार्पण कर किया स्वागत
कार्यक्रम में आनंद नगर विकास समिति के वरिष्ठ संरक्षकों, पदाधिकारियों और मातृशक्ति ने रामलीला मंडली के कलाकारों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया। रामलीला का मंचन ‘जय श्री आदर्श लीला मंडल’, रामपुरा नीमड़ी, कुचामन (डीडवाना) के कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। मंडली के संचालक गोपालदास स्वामी और व्यवस्थापक भंवरलाल कांटेड हैं। व्यवस्थापक की देखरेख में करीब 10 से 12 अनुभवी कलाकार अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत बना रहे हैं।
रावण की तपस्या और मंदोदरी विवाह का हुआ मंचन
रामलीला के पहले दिन रावण, विभीषण और कुंभकर्ण की ब्रह्मा जी के प्रति कठिन तपस्या, वरदान प्राप्ति, मंदोदरी विवाह और रावण द्वारा ऋषि-मुनियों पर किए गए अत्याचारों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय, संवाद और हाव-भाव ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वहीं, कलाकार लोकेश ने विदूषक यानी कॉमेडियन की भूमिका निभाकर दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने हास्य के माध्यम से वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को भी प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों को मनोरंजन के साथ विचार करने का संदेश मिला।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल
आनंद नगर विकास समिति की ओर से आयोजित यह रामलीला प्रतिदिन रात 8 बजे से 10:30 बजे तक चलेगी। समिति की इस पहल की नगरवासियों ने सराहना की। आज के डिजिटल दौर में, जब बच्चे और युवा मोबाइल की दुनिया में अधिक समय बिताते हैं, ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन उन्हें भारतीय परंपराओं, सनातन धर्म और पारंपरिक नाट्य कला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



