महिला चौपाल एवं नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं को किया जागरूक
सरकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर दी गई विस्तृत जानकारी
राज्य सरकार द्वारा 5 जून से 21 जून तक आयोजित किए जा रहे "12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के" कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार सायं पंचायत समिति सभागार में महिला चौपाल एवं नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार कृष्णा शर्मा ने की।
महिला अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, तहसील कार्यालय, उपखंड कार्यालय तथा पंचायत समिति सहित विभिन्न विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निवृत्तमान प्रधान सुमिता भींचर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन विश्वास, जन सेवा और जन कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देकर केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।
महिला अधिकारिता विभाग की उर्विका अग्रवाल ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, आंतरिक शिकायत समिति, विशाखा गाइडलाइन तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (POSH) अधिनियम 2013 के बारे में विस्तार से बताया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री नारी शक्ति कौशल योजना, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कृषि दीदी, सोलर सखी, बैंक सखी तथा राजीविका स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने महिला स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा किशोरियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
तहसीलदार कृष्णा शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ तभी मिल सकता है जब महिलाएं जागरूक हों। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में महिला सलाहकार केंद्र की कानूनी सलाहकार सोनम दाधीच, लक्ष्मी गिला, भाजपा पदाधिकारी कांता भंडारी एवं एडवोकेट सारिका खंडेलवाल ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।




