महाराष्ट्र में नकली पनीर पर बड़ा एक्शन, अब जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
मुंबई: अगर आप बाजार से पनीर खरीदकर घर लाते हैं या होटल-रेस्टोरेंट में पनीर से बने व्यंजन खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र सरकार ने लोगों की सेहत की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एनालॉग यानी नकली पनीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। अब राज्य में नकली पनीर का उत्पादन, बिक्री और वितरण करने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। नए नियमों के तहत दोषी पाए जाने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर वह उत्पाद होता है, जिसे दूध से तैयार नहीं किया जाता। इसकी जगह वनस्पति तेल, स्टार्च, मिल्क पाउडर, इमल्सीफायर और अन्य सस्ते पदार्थों का इस्तेमाल कर इसे बनाया जाता है। कई बार इसे असली पनीर जैसा दिखाकर ग्राहकों को बेच दिया जाता है। इससे उपभोक्ता धोखे का शिकार होते हैं और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे उत्पादों की सही जानकारी उपभोक्ताओं को न दी जाए और इन्हें असली पनीर बताकर बेचा जाए, तो यह खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
सरकार ने क्यों उठाया सख्त कदम?
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, राज्य में कई स्थानों से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि होटल, रेस्टोरेंट और कुछ खाद्य कारोबारियों द्वारा एनालॉग पनीर को बिना उचित जानकारी दिए असली पनीर के रूप में परोसा या बेचा जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे थे।
इसी को देखते हुए सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई को और कड़ा करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे मिलावट पर रोक लगेगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।
अब क्या होगी कार्रवाई?
सरकार के नए निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाएगा। डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और खाद्य कारोबारियों की नियमित जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचते हुए पकड़ी जाती है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
दोषी पाए जाने पर भारी आर्थिक जुर्माने के साथ जेल की सजा भी दी जा सकती है। सरकार ने अधिकारियों को मिलावट करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उपभोक्ताओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि पनीर खरीदते समय हमेशा पैकिंग, लेबल और निर्माता की जानकारी अवश्य जांचें। यदि पैक्ड प्रोडक्ट है, तो उस पर सामग्री (Ingredients), निर्माण तिथि और FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करें।




